ग्राम मथुरी की रहने वाली श्रीमती निर्मला डिंडोर पति अर्जुन भाभर के जीवन में आजीविका समूह से जुड़ने के बाद आर्थिक बदलाव आया है। निर्मला डिंडोर का जुड़ाव वर्ष 2019 में गठित श्री गणेश आजीविका ग्राम संगठन मथुरी से हुआ। समूह के माध्यम से उन्होंने अपनी आजीविका को आगे बढ़ाया और धीरे-धीरे आर्थिक रूप से सशक्त हुईं।
निर्मला डिंडोर बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सबसे पहले 10 हजार रुपये का ऋण मिला। इसके बाद 50 हजार रुपये और फिर धीरे-धीरे 60 हजार रुपये एवं 70 हजार रुपये तक का ऋण प्राप्त हुआ। समूह से मिली आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपनी आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने में किया।
निर्मला डिंडोर ने करीब 1 लाख रुपये की लागत से कटर मशीन/जुगाड़ मशीन खरीदी। इसके साथ ही उन्होंने किराने की दुकान भी शुरू की। इन गतिविधियों के माध्यम से उनकी आय में लगातार वृद्धि हुई। वर्तमान में इन कार्यों से उन्हें लगभग 50 से 60 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है।
समूह से जुड़ने के बाद निर्मला डिंडोर उचित मूल्य की दुकान के कार्य से भी जुड़ीं। उन्होंने समूह के माध्यम से मिले अवसरों का लाभ उठाते हुए अपने कार्य को आगे बढ़ाया। आज वह सीआरपी (CRP) के रूप में पूरे ब्लॉक में कार्य कर रही हैं और अन्य महिलाओं को भी आजीविका गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
निर्मला डिंडोर का कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला। ऋण की सुविधा और आजीविका गतिविधियों के विस्तार से उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है। इसके लिए वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करती हैं।



