सुबह की शुरुआत पानी भरने की चिंता से हो और दिन का एक बड़ा हिस्सा पानी जुटाने में निकल जाए, तो इसका असर घर के हर काम पर पड़ता है। जिले के विकासखंड मोहखेड़ के ग्राम पालामऊ के ग्रामीणों की दिनचर्या भी कुछ ऐसी ही थी। दूर स्थित हैंडपंप और अन्य जल स्रोतों से पानी लाना पड़ता था। महिलाओं को सिर पर पानी ढोकर घर तक लाने में काफी समय और श्रम लगता था।
यही समय कृषि, मजदूरी और घरेलू कार्यों में लगाया जा सकता था। अब पालामऊ में इस दिनचर्या में बदलाव आया है। जल जीवन मिशन के तहत गांव के सभी 270 परिवारों को नल कनेक्शन से जोड़ा गया है। घर पर नल से पानी मिलने से ग्रामीणों को पानी के लिए रोज दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। पानी जुटाने में लगने वाला समय अब उनके दूसरे जरूरी कामों में उपयोग हो रहा है।
पानी भरने की चिंता से मिली राहत- ग्राम पालामऊ कृषि एवं मजदूरी आधारित गांव है। यहां कुल 1374 की आबादी निवासरत है, जिसमें 738 सामान्य, 202 अनुसूचित जाति और 434 अनुसूचित जनजाति वर्ग के नागरिक शामिल हैं। कुछ समय पहले तक गांव के परिवारों के लिए पर्याप्त पानी जुटाना रोज की चुनौती था। घरेलू उपयोग के साथ पशुओं और कृषि कार्यों के लिए भी पानी की जरूरत रहती थी।
पानी दूर से लाने के कारण विशेष रूप से महिलाओं को अतिरिक्त श्रम करना पड़ता था। पानी भरने में लगने वाला समय उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा था। नल कनेक्शन मिलने के बाद अब पानी घर की चौखट तक पहुंच गया है। ग्रामीणों को जल स्रोतों तक जाने और पानी ढोकर लाने की आवश्यकता कम हुई है। इससे समय, श्रम और रोजमर्रा की दिनचर्या, तीनों में बदलाव आया है।
ग्राम पालामऊ निवासी श्री पदमाकर लोखंडे बताते हैं कि पहले गांव की महिलाएं काफी दूर से सिर पर पानी रखकर लाया करती थीं। इसमें लंबी दूरी तय करने के साथ काफी मेहनत भी करनी पड़ती थी। अब जल जीवन मिशन के बाद घर-घर पानी पहुंच रहा है। पंचायत के साथ स्कूल और आंगनबाड़ी में भी पानी की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रीमती शांताबाई चिल्लाटे के लिए भी नल कनेक्शन का मतलब रोज की एक बड़ी चिंता से राहत है। वे बताती हैं कि पहले खेतों और दूर स्थित हैंडपंपों से पानी लाना पड़ता था। सिर पर पानी रखकर घर तक लाने में काफी मेहनत होती थी। अब घर में नल कनेक्शन होने से पानी की समस्या दूर हुई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ग्राम पंचायत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। सुविधा से बढ़ा समय, समय से बढ़ी दूसरी गतिविधियों में भागीदारी - पालामऊ में जल जीवन मिशन का असर केवल पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। घर पर पानी मिलने से ग्रामीणों को रोज पानी जुटाने के लिए अलग से समय नहीं निकालना पड़ रहा है।
बचा हुआ समय अब कृषि, मजदूरी और घरेलू जरूरतों में लगाया जा रहा है। गांव के 270 परिवारों के लिए नल से आने वाला पानी अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है।
जिस पानी के लिए कभी दूरी तय करनी पड़ती थी, वही पानी अब घर में उपलब्ध है, यही बदलाव पालामऊ के ग्रामीणों के लिए सुविधा से आगे बढ़कर समय और श्रम की बचत से साथ विकास की नई शुरूआत बन चुका है।






