दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत को जब शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सहारा मिल जाता है, तो सफलता की एक नई इबारत लिखी जाती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है गुना बायपास इंडस्ट्रियल एरिया, शिवपुरी निवासी श्री रविन्द्र मित्तल (प्रोप्राइटर - मित्तल एण्ड संस) की।
सीमित साधनों और शुरुआती चुनौतियों के बावजूद श्री रविन्द्र मित्तल ने खुद का व्यवसाय स्थापित करने का सपना देखा और आज अपनी लगन तथा शासकीय प्रोत्साहन के बल पर सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। श्री रविन्द्र मित्तल को अपना उद्यम शुरू करने की प्रेरणा उद्यानिकी विभाग से मिली।
उद्यानिकी विभाग के डीआरपी श्री गिर्राज ओझा के माध्यम से उन्हें केंद्र शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। योजना के अंतर्गत उन्होंने आवेदन किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें मूंगफली दाना प्लांट स्थापित करने के लिए बैंक से 30 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत हुआ तथा शासन की ओर से 10 लाख रुपए की बड़ी सब्सिडी (अनुदान) का लाभ प्राप्त हुआ।
व्यवसाय का विस्तार और आमदनी में बढ़ोतरी प्राप्त वित्तीय सहायता और उचित मार्गदर्शन की बदौलत श्री रविन्द्र मित्तल ने गुना बायपास इंडस्ट्रियल एरिया में मित्तल एण्ड संस के बैनर तले आधुनिक मूंगफली दाना प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया। आधुनिक मशीनों और बेहतर प्रबंधन के बल पर उनके प्लांट का उत्पादन तेजी से बढ़ा। प्रसंस्करण के माध्यम से उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ, जिससे बाजार में अच्छी मांग बनी।
इस नवाचार और मेहनत के दम पर आज उन्हें प्रतिमाह लगभग 50 हजार रुपए की शुद्ध आमदनी प्राप्त हो रही है। दूसरों के लिए बने रोजगार का स्रोत श्री रविन्द्र मित्तल न केवल स्वयं आर्थिक रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं। वे अपने मूंगफली दाना प्लांट में सीजन के दौरान 3 से 4 स्थानीय व्यक्तियों को नियमित रोजगार प्रदान कर रहे हैं।
इस प्रकार वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य परिवारों के जीवनयापन में भी मददगार साबित हो रहे हैं, जो क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। जताया आभार अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रो. रविन्द्र मित्तल ने कहा कि पीएमएफएमई योजना ने मेरे व्यवसाय के सपने को हकीकत में बदला है। इस ऋण और सब्सिडी के बिना इतना बड़ा प्लांट स्थापित करना संभव नहीं था।
वे स्वयं का रोजगार स्थापित कर बेहद खुश हैं और इस अभूतपूर्व सहयोग के लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हैं।


