उमरिया के कृष्णा गार्डन में शुक्रवार को 70वीं राज्य स्तरीय शालेय हैंडबॉल प्रतियोगिता शुरू हो गई। मुख्य अतिथि ने खेल ध्वज फहराकर प्रतियोगिता के शुभारंभ की औपचारिक घोषणा की। मैदान पर उतरने से पहले अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय लिया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र बडकरे ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 संभागों से 200 से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं। खिलाड़ियों के साथ उनके कोच, टीम प्रबंधक और प्रतियोगिता से जुड़े खेल अधिकारी भी उमरिया पहुंचे हैं। उनके मुताबिक प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है।
'छोटा जिला, लेकिन बड़े आयोजनों का अनुभव'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल ने कहा कि उमरिया भले ही छोटा जिला है, लेकिन यहां राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े आयोजन सफलतापूर्वक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में शिक्षा के साथ-साथ खेल का भी उतना ही महत्वपूर्ण स्थान है।
उन्होंने कहा कि खेल से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से अपील की कि वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने माता-पिता, कोच और जिले का नाम रोशन करें।
हार-जीत से बड़ी बात खेल भावना
कार्यक्रम में आशुतोष अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्र के समुचित विकास में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलो इंडिया समेत विभिन्न योजनाओं और आयोजनों के जरिये देश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल के साथ शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि खेल में हार और जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना, अनुशासन, टीम भावना और बेहतर प्रदर्शन का निरंतर प्रयास है। किसी भी प्रतियोगिता में एक टीम विजेता और दूसरी उपविजेता बनती है, लेकिन मैदान पर उतरने वाला हर खिलाड़ी अपने अनुभव से कुछ नया सीखकर लौटता है।
शुभारंभ अवसर पर सुमित गौतम, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग पूजा द्विवेदी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी मंजू वर्मा के अलावा कोच, टीम प्रबंधक तथा प्रतियोगिता से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
प्रतियोगिता के मुकाबले कृष्णा गार्डन में ही खेले जाएंगे। संभागों की टीमों के बीच मैच देखने के इच्छुक स्थानीय दर्शक और स्कूली बच्चे आयोजन स्थल पर पहुंचकर मुकाबलों का हिस्सा बन सकते हैं।






