उज्जैन, 21 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से आम नागरिक के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की एक प्रेरणादायक सेवा की कहानी सामने आई है।
ग्राम खानदोदा निवासी 42 वर्षीय श्री राजेश, पिता श्री जगदीश, आयुष्मान भारत (निरामयम्) योजना के तहत सिविल अस्पताल माधवनगर की शासकीय डायलिसिस इकाई में निःशुल्क नियमित डायलिसिस प्राप्त कर नई जीवनशक्ति पा रहे हैं।
राजेश खेती का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। वे प्रायः बीमार रहने लगे और कमजोर होते चले गए। शरीर में लगातार सूजन बनी रहती थी, जिससे दैनिक कार्य करने में भी कठिनाई होने लगी। स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट देखकर परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए। जांच में किडनी खराब होना पाया गया और चिकित्सकों ने तुरंत डायलिसिस की सलाह दी, ताकि उन्हें गंभीर स्थिति से बाहर लाया जा सके।
परिवार ने आर्थिक व्यवस्था कर निजी अस्पताल में डायलिसिस प्रारंभ करवाया।
शीघ्र ही सप्ताह में दो बार डायलिसिस की आवश्यकता पड़ने लगी, जिसका व्यय लगभग 3,000 से 4,000 रुपये प्रति सप्ताह आने लगा। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी।
आर्थिक विवशता के कारण परिजन राजेश को सिविल अस्पताल, माधवनगर लेकर पहुंचे।
यहां चिकित्सकों ने बताया कि वे गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की श्रेणी में आते हैं, अतः निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। तत्पश्चात राजेश का पंजीयन आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कराया गया।
वर्तमान में आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के तहत राजेश का सप्ताह में दो बार निःशुल्क डायलिसिस सिविल अस्पताल माधवनगर की शासकीय डायलिसिस इकाई में नियमित रूप से किया जा रहा है। सप्ताह के दोनों सत्रों का संपूर्ण व्यय शासन द्वारा वहन किया जा रहा है, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली है।
डायलिसिस के बाद राजेश पहले की तुलना में बेहतर महसूस कर रहे हैं। परिवार उनके स्वास्थ्य सुधार से संतुष्ट है और निकट भविष्य में और अधिक स्वास्थ्य लाभ की आशा कर रहा है। राजेश के परिजन इस योजना से लाभ मिलने पर अत्यंत प्रसन्न हैं।
यह प्रकरण इस बात का जीवंत उदाहरण है कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं केवल उपचार नहीं, बल्कि आर्थिक संकट में फंसे परिवारों को सहारा और नई उम्मीद भी देती हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ऐसी सेवा की कहानियां शासन की जनसेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं।






